बङे कमाल का है ‘जी’

September 3, 2016 0

-रवि रणवीरा ‘जी करता है कि जान से मार दूं उस रमुआ को. दो टके का दुकान क्या कर लिया मुझे रे कह कर बुलाता […]

आम आदमी की किडनी

August 26, 2016 0

-रवि रणवीरा   वैसे तो सभी अंग शरीर के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. लेकिन किडनी को इतना तवज्जो क्यूँ देते हैं हम? शायद इसीलिए कि […]

व्यापम ही व्यापक हैं!

June 22, 2016 0

  -रवि रणवीरा   घोटालेबाजों ने क्या – क्या नहीं घोटा चारा, राशन, किराशन, कोयला और यहां तक 2जी नेटवर्क को भी नहीं छोड़ा. और […]

आत्मा परमात्मा और पुनर्जन्मवादि वेदांत की मूर्खता को बार बार समझना होगा

June 4, 2016 0

  –संजय जोठे   आत्मा परमात्मा और पुनर्जन्मवादि वेदांत की मूर्खता को बार बार समझना होगा। यह भी समझना होगा कि बौद्ध धर्म की मूल […]

जब प्रेम के लिए अवकाश मिल जाए और एक प्रौढ़ सहमति का आभामण्डल प्रेमियों को घेरे हो तब वे बहुत जिम्मेदार हो जाते हैं

June 4, 2016 0

  – संजय जोठे   बीती रात ट्रेन में एक गजब का अनुभव हुआ है। वैसे इस तरह होता रहता है लेकिन ये कुछ ख़ास […]

वाकई गधा, गधा हैं!

June 4, 2016 0

  – रवि रनवीरा   गधे का बोल देना यात्रा के दौरान मंगलमय माना जाता है और यदि कछुआ अंगुलि को पकड़ ले तो गधे […]

सिस्टम व चैनल सोये हैं कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी में मुद्दा “जातिवाद” का है

April 1, 2016 0

  -सुरेश जोगेश जहाँ आजकल अगड़ी जातियों की लड़ाई आरक्षण जैसे संवेधानिक अधिकारों से है वहीँ पिछड़ी जातियां आजादी के 68 साल बाद अब भी […]

अध्यात्म और समाधि के प्रशिक्षण का धन्दा सामाजिक क्रान्ति को रोकने के लिए रचा गया हथियार है

March 31, 2016 0

  -संजय जोठे   ये जितने भी दाढ़ी वाले बाबा, सिद्ध पुरुष, रजिस्टर्ड भगवान या योगी हैं | जो ध्यान समाधी और मोक्ष की बकवास […]

इंकलाब की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है – असेम्बली बम काण्ड पर भगतसिंह की अपील

March 23, 2016 0

असेम्बली बम काण्ड पर यह अपील भगतसिंह द्वारा जनवरी, 1930 में हाई कोर्ट में की गयी थी। इसी अपील में ही उनका यह प्रसिद्द वक्तव्य […]

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