प्रभु की रेल

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By Manjar Alam

 

एक यात्री के तौर पर क्या चाहिए ? कन्फर्म टिकट,आरामदायक यात्रा और सुरक्षा।
क्या प्रभु की रेल इन तीनों को व्यवहारिक जीवन में लागू कर पाई? जनकल्याणकारी बजट वही है, जिसमें आम लोगों का खयाल रखा जाता हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज के अपना दूसरा रेल बजट पेश किया। मोदी सरकार का वर्तमान कार्यकाल वर्ष 2019 तक का है, लेकिन रेल बजट में सुरेश प्रभु ने ‘विज़न 2020’ तक का बनाया। जिस तरह इस साल तक समय पर हो जाने वाले कई काम को विस्तार दिया गया ठीक उसी तरह विजन 2020 ना होके 2050 हो जाये।
बजट के बाद देश के एक औसत परिवार पर कितना फर्क पड़ा है । बजट ने उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को कितना पूरा किया है। इन बातों को भी हम गौर करेंगे। एक लाख करोड़ वाली रेल बजट में कामकाजी लोगों के लिए पैसेंजर ट्रेन का ख्याल रखा जायेगा या नही यह तो वक़्त बताएगा।
पिछले साल रेलवे का घाटा 23,000 करोड़ रुपये का था। सरप्लस तो जाना दूर की बात हैं अभी प्रभु बता रहें थे कि 100 में से 92 का लक्ष्य हमने हासिल कर लिया। यानी 100 रुपया खर्च करने पर 92 रुपया की आमदनी हुई। रेलवे कर्ज के भारी संकट में है तथा पहले की घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ही छह से आठ लाख करोड़ रुपये चाहिए। रेलमंत्री द्वारा विज्ञापन से चार गुना आमदनी तथा पीपीपी मॉडल में राज्यों के सहयोग से भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन की बात की गई है।

इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह रही की इसबार किराया में इजाफा नही हुआ। मुख्यतः यह विजन 2020 हैं। पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार 80 किलोमीटर किए जाने से व्यवसायिक लोगों के लिए ज्यादा फायेदमंद रहेगा जो ख़ासकर छोटी दूरी पर निर्भर हो। एक शहर से दूसरे शहर का जुड़ाव जल्दी हो सकेगा।  भारतीय रेलवे शुरू से ही एक सस्ता और सबसे बेहतर साधन उपलब्ध कराती रही हैं। अलग-अलग सुविधाओं वाली चार विशेष ट्रेनों की घोषणा की-
1. हमसफर (पूर्णतः वातानुकूलित ट्रेन होगी, जिसमें वैकल्पिक भोजन की भी व्यवस्था होगी)
2. तेजस( हाई-स्पीड ट्रेन होगी)
3. उदय (डबल-डेकर ट्रेन होगी)
4. अंत्योदय (पूरी तरह अनारक्षित ट्रेन होगी)

रेलवे को अपडेट किया जायेगा जिसके तहत स्टेशनों में वाई-फाई, यात्रियों के लिए ई-केटरिंग, सुरक्षा के लिए ड्रोन्स का प्रयोग, बायो-टायलेट, तत्काल काउंटर में सीसीटीवी, एसएमएस के जरिये सफाई, 20,000 डिस्प्ले स्क्रीन, पेपरलेस वर्क, सोशल मीडिया के प्रयोग जैसी घोषणा की गई।

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को बेहतर स्थिति में लाने का हम पर दबाव बना हुआ है, लेकिन मुझे इस समय, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कुछ पंक्तियां याद आ रही हैं जिन्होंने कहा था : विपदाएं आती हैं आएं, हम न रुकेंगे , हम न रुकेंगे, आघातों की क्या चिंता है? हम न झुकेंगे , हम न झुकेंगे ।

रेल मंत्री ने कवि हरिवंश राय बच्चन की भी कुछ पंक्तियों को उद्धृत किया और अपनी अंदरूनी ताकत , विविध प्रतिभाओं और भरपूर अनुभव का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता को कुछ इस प्रकार बयान किया : नव उमंग, नव तरंग, जीवन का नव प्रसंग, नवल चाह, नवल राह, जीवन का नव प्रवाह ।

रेल मंत्री ने फिर से वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा : जब तक ध्येय पूरा न होगा, तब तक पग की गति न रुकेगी, आज कहे चाहे कुछ दुनिया, कल को बिना झुके न रहेगी।

सुरेश प्रभु ने अपना बजट भाषण समाप्त करते हुए भगवान बुद्ध का स्मरण किया और कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा है कि जब भी कोई व्यक्ति यात्रा करता है तो वह दो गलतियां कर सकता है : पहली यात्रा शुरू ही न करे और दूसरी सफर पूरा न करे।

उन्होंने कहा,  हम अपना सफर पहले ही शुरू कर चुके हैं और मैं इस यात्रा को पूरा भी करना चाहता हूं। हम भारतीय रेल को समृद्धि अथवा सफलता की मंजिल तक पहुंचाने से पहले नहीं रुकेंगे।

कुल मिला के देखा जाये तो कुछ भी नया नही हैं। जैसे गरीब रथ का नाम ‘हमसफ़र’, जनसाधारण के लिए अंत्योदय। डबल डेकर ट्रेन पहले से ही चल रही ही हैं। एलिवेटेड का काम पुराना हैं यहाँ तक की इसके लिए जमीन अधिग्रहण(मुम्बई) में ही भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। 130 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से पहले भी शताब्दी और राजधानी चला करती थी। यदि 2020 में औसत चाल 80 की बात की जा रही तो सोंचिये हिन्दुस्तान विश्व के अन्य देशों से कितना पिछड़ा हैं।
सुरेश प्रभु 12 बजे से  रेल बजट पेश करना प्रारम्भ किये मगर तकरीबन 2 घण्टो के भीतर कभी आंकड़ो पर बात नही हुई।
यदि कोई विधार्थी स्कूल में फेल हो जाता हैं तो वह घर आके नही बताता हैं कि उसके कितने नम्बर आएं। वह लीपापोती में लगा रहता हैं। प्रभु सब बोले मगर ऐसा लगा कि कुछ बोले ही न हो।
ये हुई मुख्य घोषणाएँ

-ट्रेनों में 17000 बायोटॉयलेट लगाए जाएंगे
-इस साल 475 स्टेशनों पर अतिरिक्त टॉयलेट बनेंगे
-कुछ ट्रेनों में मनोरंजन के लिए एफएम की सुविधा होगी
-शिकायतों के निबटारे के लिए दो ऐप
-मालगाड़ियों की रफ्तार 50 किलोमीटर बढ़ाई जाएगी
यात्रियों के लिए वाईफाई सुविधा बढ़ाएंगे
-311 स्टेशनों पर सीसीटीवी सुविधा मुहैया करवाई
-80 किलोमीटर की स्पीड से पैसेंजर चलाने का लक्ष्य
-एलआईसी ने 1.5 लाख करोड़ के निवेश पर सहमति दी
– रेलवे के आरक्षण कोटे में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

– ट्रेनों में पायलट आधार पर बच्चों के खाने की अलग से व्यवस्था पेश होगी।

– रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिए निचली सीट का कोटा बढ़ाकर 50 प्रतिशत करेगी

– लाजिस्टिक और वेयरहाउस पार्क का विकास सार्वजनिक निजी साझेदारी के आधार पर होगा।

– भारत के पहले रेलवे आटो केंद्र का चेन्नई में जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।

– मुम्बई में दो एलिवेटेड उपनगरीय रेलवे कारिडोर चर्चगेट-विरार और सीएसटी-पणवेल का निर्माण किया जाएगा।
– ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के बीमा की सुविधा होगी।
– अहमदाबाद से मुंबई हाई स्‍पीड ट्रेन चलेगी।

– 2020 तक ट्रेनों में जब चाहें तब टिकट मिलेंगी।

-अब कुलियों को सहायक कहा जाएगा, ट्रेनिंग भी मिलेंगी।

-रात्रिकालीन चलने वाली डबल डेकर उदय एक्सप्रेस ट्रेन को व्यस्त मार्गो पर चलाया जायेगा। इन ट्रेनों में सामान्य ट्रेनों से 40 प्रतिशत अधिक यात्री सफर कर सकते हैं : रेल मंत्री।

-रेलवे में सभी पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती होगी

– पांच साल में रेलवे प्रोजेक्‍टों पर साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे

– रेलवे 40 नई परियोजना शुरू करेगी

– शताब्‍दी, राजधानी एक्‍सप्रेस में डिब्‍बे बेहतर किए जाएंगे

– नए एसी कोचों की संख्‍या बढ़ाई जाएगी

– वित्त वर्ष 2016-17 के लिए इस साल हमारा निवेश 1.21 लाख करोड़ रुपये रहेगा।

-अगले साल 2,800 किलोमीटर नए ट्रैक का परिचालन शुरू करेंगे।

– मंत्री ने कहा कि 400 स्टेशनों का सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए आधुनिकीकरण किया जाएगा।